IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी अनशन पर, NSUI छात्रों का समर्थन; कल पूर्व मुख्यमंत्री भी बैठेंगे धरने पर
देहरादून। राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर एकता विहार स्थित धरना स्थल पर चल रहा आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। पूर्व IAS अधिकारी के क्रमिक अनशन को आज के छात्र संगठन ने खुला समर्थन दे दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे आंदोलन का स्वर और मुखर हो गया।

अनशन स्थल से रतूड़ी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो जनता अपने अधिकार के लिए निर्णायक संघर्ष करेगी।
उन्होंने के ‘विकसित भारत’ विजन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान गैरसैंण को वर्षों से अस्थायी दर्जे में रखना राज्य के साथ अन्याय है।
संवैधानिक पहलुओं का हवाला देते हुए रतूड़ी ने कहा कि में ‘अस्थायी राजधानी’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। उनके अनुसार, यह व्यवस्था जनता के साथ छल है और अब इसे खत्म करने का समय आ गया है।
आंदोलन को और मजबूती तब मिली जब पूर्व मुख्यमंत्री ने भी कल से अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया। उनके इस फैसले से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि पहाड़ के युवाओं की अस्मिता का सवाल बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

