
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में किया गया सम्मानित, लोक-संस्कृति के संरक्षण में निभा रहीं अहम भूमिका
केएस असवाल
देहरादून : उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति और पारंपरिक लोक विधाओं को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। शुक्रवार को आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। करीब 25 वर्षों से लोकसंगीत और लोकपरंपराओं के संरक्षण में जुटी हेमा नेगी करासी की इस उपलब्धि से उत्तराखण्ड के लोककलाकारों में खुशी है।
हेमा नेगी करासी ने अपने गायन के माध्यम से गढ़वाल की लोकआस्था, देवी-देवताओं की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाई है। आछरी जागर, नागराज जागर, चंडिका भजन और पारंपरिक मंगल गीतों के जरिए उन्होंने लोक-संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया है। उनकी विशिष्ट गायन शैली और पारंपरिक लोकधुनों ने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान किया है।
लोकसंगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें संगीत नाटक अकादमी, भारत सरकार की ओर से उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2024 प्रदान किया गया। यह सम्मान 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिया गया। इसके अलावा उन्हें तीलू रौतेली पुरस्कार-2025, अडानी प्रेजेंट्स अमेजिंग इंडिया अवार्ड-2026 और यूथ आइकॉन नेशनल अवार्ड-2016 से भी सम्मानित किया जा चुका है।
हेमा नेगी करासी लोकगीतों के गायन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपराओं के संरक्षण, संकलन और प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय हैं। उनकी इस उपलब्धि को उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति और लोककलाकारों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
एचएनके सांस्कृतिक सेवा ट्रस्ट (पंजीकृत) की ओर से संस्थापिका एवं मुख्य ट्रस्टी हेमा नेगी करासी को इस सम्मान के लिए बधाई दी गई। ट्रस्ट ने उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

