देहरादून : सरकारी नौकरी छोड़ गैरसैंण की लड़ाई में कूदे CA वरुण चंदोला, अनशन के 14वें दिन सरकार पर तीखा हमला

Team PahadRaftar

सरकारी नौकरी छोड़ गैरसैंण की लड़ाई में कूदे CA वरुण चंदोला, अनशन के 14वें दिन सरकार पर तीखा हमला

स्वाभिमान के लिए सुरक्षित भविष्य ठुकराया युवा आक्रोश के बीच ‘तीन चेहरों’ वाली सरकार पर साधा निशाना

देहरादून : उत्तराखंड की स्थायी राजधानी की मांग को लेकर चल रहे ‘प्रण से प्राण तक’ महा-अनशन ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। अनशन के 14वें दिन CA वरुण चंदोला (कोषाध्यक्ष, UKD युवा प्रकोष्ठ) आंदोलन की अगुवाई करते हुए अनशन पर बैठे और अपने त्याग व बयान से सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी।

सरकारी नौकरी जैसी सुरक्षित जिंदगी को त्याग कर आंदोलन में कूदे वरुण चंदोला ने इसे “माटी के स्वाभिमान की लड़ाई” बताते हुए साफ कहा कि उनके लिए कुर्सी से बड़ा उत्तराखंड का सम्मान है।

उन्होंने सीधे तौर पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक ही कार्यकाल में तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलना अस्थिरता का प्रतीक है। “चेहरे और नारे बदलते रहे, लेकिन पहाड़ की पीड़ा जस की तस रही,” उन्होंने कहा।

वरुण ने देहरादून केंद्रित व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने विकास की दिशा को मैदानों तक सीमित कर दिया, जबकि गैरसैंण जैसे पहाड़ी क्षेत्र उपेक्षा का शिकार होते रहे। उन्होंने आंदोलन को अब “याचना नहीं, बल्कि निर्णायक संघर्ष” करार दिया।

आंदोलन के मुख्य संयोजक विनोद प्रसाद रतूड़ी (पूर्व IAS) ने इसे युवा चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि जब पढ़े-लिखे युवा व्यवस्था परिवर्तन के लिए त्याग करते हैं, तो यह शासन के लिए चेतावनी होती है। वहीं राजेंद्र प्रसाद कंडवाल (पूर्व निदेशक, DGCA) ने कहा कि सरकार इस बढ़ते युवा आक्रोश को समझने में विफल रही है।

गौरतलब है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन ठोस निर्णय न होने से अब यह आंदोलन उग्र रूप लेता जा रहा है।

Next Post

श्रीनगर गढ़वाल में बाबा साहब की प्रतिमा से छेड़छाड़, क्षेत्र में भारी आक्रोश

श्रीनगर गढ़वाल में बाबा साहब की प्रतिमा से छेड़छाड़, क्षेत्र में भारी आक्रोश जसपाल नेगी  श्रीनगर गढ़वाल : श्रीनगर गढ़वाल के अलकेश्वर घाट स्थित अंबेडकर पार्क में संविधान निर्माता की प्रतिमा के साथ शरारती तत्वों द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। घटना के बाद अंबेडकरवादी समाज और स्थानीय लोगों […]

You May Like