
एडवेंचर फाउंडेशन कोर्स में वाटर रैपलिंग सीख रहे युवक-युवतियां, बोले—ऐसे प्वाइंट विकसित हों तो गांव में ही मिलेगा काम
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ : सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ के युवाओं को साहसिक खेलों के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने की पहल शुरू हुई है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग चमोली की ओर से चलाए जा रहे दस दिवसीय एडवेंचर फाउंडेशन कोर्स में युवक-युवतियां ज्ञान गंगा धारा (जोगीधारा) प्वाइंट पर वाटर रैपलिंग सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का प्रशिक्षण ले रहे हैं। युवाओं का कहना है कि यदि ऐसे प्राकृतिक स्थलों को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो पहाड़ के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सकता है और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को रॉक क्लाइंबिंग, जुमरिंग, रैपलिंग, रिवर क्रॉसिंग, वाटर रैपलिंग, रोप नॉट समेत कई साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कुलदीप बंगारी, संदीप सेमवाल, दीपक भंडारी, हेमंत भंडारी और मयंक डिमरी के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है। प्रशिक्षण स्थल के रूप में चुना गया जोगीधारा वाटर फॉल क्षेत्र युवाओं के लिए रोमांच और अवसर दोनों का केंद्र बनता दिख रहा है।
प्रशिक्षण ले रहे युवाओं ने कहा कि जोगीधारा जैसे प्वाइंट एडवेंचर टूरिज्म के लिए बेहद उपयुक्त हैं। यहां वाटर रैपलिंग, रॉक एक्टिविटी और नेचर बेस्ड टूरिज्म की अच्छी संभावनाएं हैं। यदि इस स्थल को बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों और प्रचार-प्रसार के साथ विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, इंस्ट्रक्टर, ट्रैवल सपोर्ट, कैंपिंग और होमस्टे जैसे रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है।
युवाओं ने यह भी कहा कि वैली ऑफ फ्लावर्स, हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ यात्रा मार्ग और जोशीमठ आने वाले पर्यटकों को एडवेंचर गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इससे बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र के प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार मिल सकेगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार की कमी के कारण हो रहे पलायन के बीच यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सिर्फ एडवेंचर सीखने तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं को स्वावलंबन और स्थानीय आजीविका की दिशा में तैयार करने वाला प्रयास भी माना जा रहा है। यदि प्रशासन और पर्यटन विभाग इस दिशा में आगे बढ़ते हुए स्थायी एडवेंचर प्वाइंट विकसित करे तो सीमांत गांवों के युवाओं के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।
