
गिरीश चंदोला थराली। मानसून सीजन को देखते हुए तहसील प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजित बैठक में उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह ने विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एनटीपीसी और वीडकुल के अधीन कुल 49 सड़कें हैं। एसडीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान सड़क बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी समेत आवश्यक मशीनरी और पर्याप्त मानव संसाधन पहले से तैयार रखें। पुलों और ट्रॉलियों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
खाद्य विभाग को 15 जून तक दूरस्थ गांवों में 30 सितंबर तक का राशन पहुंचाने तथा 16 जून तक इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं जल संस्थान और जल निगम को पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पाइप, टैंकर और अन्य उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में 24 बेड उपलब्ध हैं। आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में वन विभाग को आबादी वाले क्षेत्रों में खतरा बने पेड़ों को चिह्नित कर हटाने को कहा गया। साथ ही सभी विभागों को आपदा के समय आमजन से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
70 गर्भवतियों पर रहेगी विशेष नजर
उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह ने बताया कि मानसून के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कराया गया है। सर्वे के अनुसार 30 सितंबर तक तहसील क्षेत्र में 70 महिलाओं का प्रसव संभावित है। स्वास्थ्य विभाग को इन सभी मामलों पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर समय से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एसएसबी ग्वालदम के डिप्टी कमांडेंट मकमुल खान ने भी आपदा के दौरान प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर एसएसबी के जवान और उपलब्ध संसाधन राहत एवं बचाव कार्यों में लगाए जाएंगे।

