
बदरीनाथ धाम समेत धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के आसपास तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक, कार्यक्रमों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य
संजय कुंवर
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम समेत चमोली जिले के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने धार्मिक स्थलों के आसपास उच्च आवृत्ति वाले साउंड सिस्टम का प्रयोग कर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है, जिनसे धार्मिक स्थलों की मर्यादा प्रभावित होती हो।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने से पहले स्थानीय प्रशासन से विधिवत पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने की स्थिति में आयोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के अनुसार संबंधित उप जिलाधिकारी/उप जिला मजिस्ट्रेट कार्यक्रम की अनुमति देने से पहले सभी पहलुओं का गंभीरता से परीक्षण करेंगे। अनुमति केवल संबंधित उप जिलाधिकारी/उप जिला मजिस्ट्रेट स्तर से ही जारी की जाएगी। इसके लिए किसी अन्य विभाग अथवा अधिकारी को अधिकृत नहीं किया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले आयोजक मंडल या आयोजन समिति के विरुद्ध नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की गरिमा, शांत वातावरण और धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर अनुमति की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है।

