
राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर की वार्ता, सामूहिक प्रयास का दिया भरोसा
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन 31वें दिन सोमवार को भी मोहनखाल में जारी रहा। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क निर्माण न होने से क्षेत्र में तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
आंदोलन स्थल पर पहुंचे राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने आंदोलनरत ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि तुंगनाथ-कार्तिक स्वामी पर्यटन सर्किट के चहुंमुखी विकास के लिए मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण के लिए संबंधित स्तर पर सामूहिक रूप से प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि यह मोटर मार्ग केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के तीर्थाटन, पर्यटन और स्थानीय विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शासन को आश्वासनों के बजाय सड़क निर्माण की प्रक्रिया धरातल पर आगे बढ़ानी चाहिए। मांग पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सड़क की जायज मांग को लेकर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर पैरवी की जाएगी। राज्य मंत्री की वार्ता के बाद ग्रामीणों को सड़क निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर संघर्ष समिति अध्यक्ष राकेश नेगी, प्रधान दीपक थपलियाल, पूर्व प्रधान वासुदेव सिंह नेगी, गोविंद प्रसाद, प्रकाश लाल, हरीश नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, संजय सिंह, राकेश सिंह, ललित मोहन, महेंद्र सिंह, मनवर सिंह नेगी, अनिल सिंह राणा, जगदीश सिंह, गिरीश सिंह, बलदेव सिंह, बलवीर सिंह, अमर सिंह सहित दो दर्जन से अधिक आंदोलनकारी मौजूद रहे।

