कुमाऊं से नंदा जात में शामिल होने रवाना हुआ शिष्टमंडल, गढ़वाल-कुमाऊं की एकता का देगा संदेश
पहाड़ रफ्तार
चमोली/अल्मोड़ा। मां नंदा की नंदा जात यात्रा में शामिल होने के लिए शनिवार को कुमाऊं से शिष्टमंडल रवाना हुआ। मां नंदा देवी मंदिर समिति के नेतृत्व में रवाना हुआ दल कुमाऊं की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करेगा।

चंद वंशज राजा करन चंद्र राज सिंह उर्फ केसी सिंह बाबा और युवराज नरेंद्र चंद्र राज सिंह के निर्देश पर शिष्टमंडल ने यात्रा के लिए प्रस्थान किया। दल चेपड़ो मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नंदा जात यात्रा में शामिल होगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि मां नंदा केवल कुमाऊं की आराध्य देवी नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान हैं। कुमाऊं की सहभागिता से दोनों मंडलों के बीच सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को और मजबूती मिलेगी।

शिष्टमंडल कुमाऊं का ध्वज और पारंपरिक वाद्ययंत्र लेकर यात्रा में शामिल हुआ है। कुमाऊं से करीब 25 सदस्य यात्रा में शामिल हैं। इनमें मंदिर समिति के व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, देवेंद्र चौहान, गोपाल रावत, चंदन रावत, ललित पांडे, रक्षित साह, गणेश साह, पीयूष वर्मा, पारस पालनी, मनन साह और हिमांशु मेर शामिल हैं। भवाली नंदा देवी मंदिर से कंचन सुयाल और लोकेश जोशी समेत अन्य लोग भी यात्रा में शामिल हुए।

30 सितंबर को होगा समापन
नंदा जात यात्रा का 30 सितंबर को देवराड़ा में समापन होगा। यहां विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा देवी राजराजेश्वरी मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होंगी। शिष्टमंडल के प्रस्थान के दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। मां नंदा-सुनंदा के जयकारों के साथ सभी ने यात्रा के सफल और निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की।

