2015 से स्वीकृत सड़क का काम शुरू कराने की मांग, ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी
गिरीश चंदोला देवाल, चमोली। विकासखंड देवाल के पिनाऊं, बलाण समेत आसपास के गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की है। ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह दानू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने थराली विधायक भूपाल राम टम्टा को ज्ञापन सौंपकर बगड़ीगाड़-धूराधाराकोट-बांक-पिनाऊं-बलाण मोटर मार्ग के निर्माण में तेजी लाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2015 से स्वीकृत यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय बाद भी निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। सड़क बनने से पिनाऊं, बलाण के साथ वाण-कुलिंग, दिदिना, बांक, मुंदोली, सूया, धूराधाराकोट, हरनी, ल्वाणी, ताजापुर, कांडे, देवसथली, बगड़ीगाड़ और कनोल समेत कई गांवों को लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और कारोबार जैसी सुविधाओं के लिए मुंदोली और लोहाजंग पर निर्भर हैं। सड़क बनने से इन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कारोबार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या 298/2015 के तहत धूरा-धाराकोट-बांक-पिनाऊं-बलाण मोटर मार्ग के प्रथम चरण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई भी हो चुकी है और मामला वर्तमान में वन विभाग व शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
17 किमी वैकल्पिक मार्ग का सुझाव
ग्रामीणों ने कहा कि यदि धूरा-धाराकोट से पिनाऊं-बलाण मार्ग में तकनीकी या अन्य कारणों से देरी हो रही है तो लोहाजंग-बांक-पिनाऊं-बलाण मोटर मार्ग के प्रस्ताव पर कार्रवाई की जाए। बांक से बलाण तक करीब 17 किलोमीटर सड़क की जरूरत बताई गई है। ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति देकर निर्माण शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि केवल पिनाऊं को बलाण से जोड़ने वाला मार्ग क्षेत्र की व्यापक जरूरत पूरी नहीं करेगा। भौगोलिक परिस्थितियों और जनहित को देखते हुए ऐसा मार्ग बनाया जाना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक गांव मुख्य सड़क से जुड़ सकें और पलायन पर रोक लग सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी चमोली, जिला वन अधिकारी गोपेश्वर और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई है।
