
नीति घाटी में अतिवृष्टि से मची अफरातफरी, ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर यातायात ठप; एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें रवाना
संजय कुंवर चमोली, संवाददाता। सीमांत नीति घाटी में सोमवार शाम हुई भारी बारिश आफत बनकर बरसी। अतिवृष्टि के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। नाले के तेज बहाव में ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर बना वैली ब्रिज बह गया। पुल के बहने से नीति घाटी का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। वहीं, एक व्यक्ति और वाहन के भी तेज बहाव में बहने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से निर्मित वैली ब्रिज सोमवार शाम तमक नाले में बढ़े अत्यधिक जलप्रवाह की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त होने के बाद बह गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं।
मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोकी
पुल बहने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने की आशंका
तमक नाले में अचानक बढ़े जलप्रवाह के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की ओर से मुनादी कर लोगों को नदी और बरसाती नालों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही नदी-नालों के आसपास न जाने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

