
गोपेश्वर, संवाददाता। जनपद चमोली में पर्यटन को नई गति देने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पर्यटन अवसंरचना के विस्तार, बंद पड़ी पर्यटन परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि चमोली धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में पर्यटन परिसंपत्तियों का प्रभावी संचालन, आधुनिक सुविधाओं का विकास और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी पर्यटन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में पर्यटन अवसंरचना के विकास, नई परियोजनाओं के लिए भूमि चिन्हीकरण, पर्यटन भूमि बैंक, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं, ट्रैक विकास, सौंदर्यीकरण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की गई।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि जनपद में कुल 25 पर्यटक आवास गृह हैं, जिनमें 20 का संचालन जीएमवीएन, दो का संचालन निजी निवेशकों द्वारा किया जा रहा है, जबकि एक पर्यटक आवास गृह निर्माणाधीन है। इसके अलावा छह पार्किंग परिसंपत्तियां, सात रैन बसेरे और पांच पर्यटक सूचना केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बंद एवं असंचालित पर्यटन परिसंपत्तियों को सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मॉडल में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर प्राप्त कर सकें। इससे परिसंपत्तियों का बेहतर रखरखाव, निजी निवेश को बढ़ावा और पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में बताया गया कि पुलना पार्किंग, गोविंदघाट पार्किंग, देवलीबगड़ पर्यटक आवास गृह एवं राफ्टिंग कैंप, ज्योतिर्मठ किड्स प्ले जोन, मंडल रिक्रिएशन सेंटर और तपोवन पर्यटक आवास गृह जैसी परिसंपत्तियां पर्यटन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़, वित्त विभाग के अधिकारी, होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

