गौचर : मां कालिंका के मायका प्रवास को सज उठा गौचर, आज भाई रावल संग पनाई सेरा पहुंची देवी

Team PahadRaftar

तीन दिन मायके में रहेगा उत्सव का उल्लास, बेटी-बहन के स्वागत को आतुर हैं दियाणियां

केएस असवाल गौचर। पहाड़ की लोक परंपराओं में देवी और मायके का रिश्ता केवल आस्था नहीं, भावनाओं का भी संसार है। इसी भाव के साथ गौचर क्षेत्र की अधिष्ठात्री मां कालिंका के मायका प्रवास की घड़ियां करीब आ गई हैं। मंगलवार को मां कालिंका देवी अपनी ससुराल भट्टनगर से भाई रावल देवता के साथ मायके पनाई सेरा स्थित माण्डा मंडप में विराजेंगी। देवी के आगमन के साथ ही चार दिवसीय मायका उत्सव शुरू हो जाएगा।

मां के स्वागत को लेकर पनाई सेरा में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रावल नगर से गाजे-बाजे के साथ मायका पक्ष के लोग भट्टनगर स्थित मंदिर पहुंचेंगे। यहां विधि-विधान से मां का श्रृंगार और पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद मां कालिंका अपने भाई रावल देवता के साथ मायके के लिए प्रस्थान करेंगी। अपराह्न बाद माण्डा मंडप में भव्य धार्मिक आयोजन के बीच देवी को विराजमान कराया जाएगा।

सालभर बाद बेटी के आने की खुशी

मां कालिंका के मायके पहुंचने का इंतजार क्षेत्र की दियाणियां और मायका पक्ष के लोग सालभर से करते हैं। बेटी और बहन के रूप में देवी का स्वागत यहां की लोक आस्था और पारंपरिक रिश्तों की जीवंत तस्वीर पेश करता है। चार दिनों तक माण्डा मंडप में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ उत्सव का माहौल बना रहेगा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य जगदीश कनवासी ने बताया कि मां कालिंका के चार दिवसीय मायका प्रवास को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देवी के स्वागत को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह है।

इस अवसर पर मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष उमराव सिंह नेगी, रघुनाथ सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह बिष्ट, विजय सिंह बिष्ट, चंद्र सिंह चौहान, जयपाल सिंह बिष्ट, देवेंद्र सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी, आशीष नेगी, तेज सिंह नचाल, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल सहित पंडित वंशीधर शैली, गिरीश जोशी, नागेंद्र शास्त्री, अनुसूया प्रसाद, आशीष शैली और नगर क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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