
राहत राशि वितरण में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम से की जांच की मांग
गिरीश चंदोला थराली : विकासखंड थराली के चेपड़ों गांव में रीप (REAP) परियोजना के तहत वितरित राहत राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आपदा प्रभावित ग्रामीणों ने राहत वितरण में अनियमितता और पक्षपात का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 17 जून को नंदा देवी आजीविका सहकारिता के माध्यम से वर्ष 2025 की आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए, लेकिन लाभार्थियों के चयन में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई वास्तविक आपदा प्रभावित परिवारों को 800 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की सीमित सहायता दी गई, जबकि कुछ ऐसे लोगों को भी लाभ पहुंचाया गया जो आपदा से प्रभावित नहीं थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राहत वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने सर्वे प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो अपात्र लोगों को दिए गए चेक वापस लिए जाएं और पात्र परिवारों को उचित राहत प्रदान की जाए।
उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत ने ग्रामीणों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, बलवंत सिंह, महावीर सिंह शाह, हरिश्चंद्र, त्रिलोक सिंह, देवेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, सुदर्शन सिंह, पृथ्वी सिंह रावत, हेमंत सिंह रावत, हीरा बल्लभ जोशी और मदन मोहन जोशी सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।

