
जोशीमठ, संवाददाता। अलकनंदा नदी पर प्रस्तावित पाखी-ह्यूँणा- पोखनी मोटर पुल की डीपीआर शासन को न भेजे जाने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्राम पंचायत पोखनी की प्रधान श्रीमती उषा देवी एवं उनके प्रतिनिधि अवतार सिंह भंडारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2013-14 में पाखी से ह्यूँणा- पोखनी तक पांच किलोमीटर सड़क निर्माण को स्वीकृति मिली थी, जिसे लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2023-24 में पूरा कर लिया है। इसके बाद अलकनंदा नदी पर मोटर पुल निर्माण की स्वीकृति भी मिल चुकी है। पुल निर्माण के लिए आवश्यक गार्डर और अन्य सामग्री लोक निर्माण विभाग के गोपेश्वर स्थित स्टोर में उपलब्ध है तथा निर्माण के लिए 6 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि धनराशि स्वीकृत होने के छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग गोपेश्वर की ओर से पुल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को नहीं भेजी गई है। इसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है और क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
ग्रामवासी बाल सिंह राणा और मुकेश सिंह रावत ने कहा कि पुल निर्माण क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग है। पुल बनने से कई गांवों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और विकास को गति मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार पर विचार करेंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को भी भेजी गई है।

