
संस्कारवान शिक्षक समय की मांग : आकाश सारस्वत
केएस असवाल
चमोली। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने कहा कि वर्तमान समय में संस्कारवान शिक्षकों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। शिक्षक अपने आचरण को बेहतर बनाएं, क्योंकि वही विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत होते हैं।

मंगलवार को पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज कुशरानी तल्ली में आयोजित प्रार्थना सभा में सुबह 7:30 बजे पहुंचकर उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने व्यसनमुक्त समाज के निर्माण में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। साथ ही विद्यार्थियों को स्वअनुशासन, समय का सदुपयोग और नियमित स्वाध्याय अपनाने की सीख दी।
इसके बाद शिक्षकों के साथ हुई बैठक में उन्होंने समयबद्धता और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का व्यवहार ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होता है, इसलिए शिक्षकों को स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने विद्यालय की पंजिकाओं का अवलोकन किया। इसके उपरांत उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज आगरचट्टी, राजकीय जूनियर हाईस्कूल सलियाणा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलियाणा, राजकीय जूनियर हाईस्कूल स्यूनी मल्ली और राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यूनी मल्ली का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने शिक्षकों को बहुभाषी प्रार्थना सभा, दीवार पत्रिका निर्माण, किचन गार्डन विकसित करने, सशक्त पुस्तकालय बनाने और पठन-पाठन संस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में सामूहिक जन्मोत्सव मनाने की पहल करने को भी कहा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि औचक निरीक्षण का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर डायट के वरिष्ठ संकाय सदस्य बच्चन लाल जितेला भी मौजूद रहे।

