30 अप्रैल से नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू, तैयारियां तेज
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। तल्लानागपुर क्षेत्र के फलासी गांव में स्थित भगवती चण्डिका मंदिर में 25 साल बाद नौ दिवसीय महा बन्याथ का आयोजन होने जा रहा है। 30 अप्रैल से शुरू होने वाले इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोरों पर हैं।

महा बन्याथ को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति, स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई के साथ ही मार्गों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन में दूर-दराज से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार इन दिनों भगवती चण्डिका “घर दिवारा” के तहत गांव-गांव भ्रमण कर रही हैं। देवी डोली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु विधि-विधान से देवी का स्वागत कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
महा बन्याथ के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ, जागरण और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। साथ ही क्षेत्रीय लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
तुंगेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल ने बताया कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी अवसर है। सचिव पूर्ण सिंह खत्री ने बताया कि 28 व 29 अप्रैल को विभिन्न धार्मिक और पारंपरिक कार्यक्रम होंगे, जबकि 30 अप्रैल से महा बन्याथ का शुभारंभ किया जाएगा।
25 साल बाद हो रहे इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह है और इसे धार्मिक आस्था व सामाजिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है।

