
पौड़ी पुलिस ने गिरोह का किया खुलासा, रांची जेल से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
जसपाल नेगी
पौड़ी। ऑनलाइन ट्रेडिंग में 700 फीसदी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 15.24 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पौड़ी पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में गिरोह के मुख्य आरोपी को रांची जेल से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरोह का संचालन व्हाट्सएप ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, 23 अक्तूबर 2025 को धुमाकोट निवासी दिनकर कुमार पोखरियाल ने थाना धुमाकोट में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश पर 700 फीसदी तक फायदा दिलाने का लालच देकर 15,24,496 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। इस संबंध में थाना धुमाकोट में मु0अ0सं0-15/2025 के तहत धारा 318(4) और 61(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से खुला साइबर ठगी का नेटवर्क
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष धुमाकोट सुनील पंवार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
गठित टीम ने बैंक खातों के विवरण, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर मामले की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप ट्रेडिंग ग्रुप के जरिए साइबर ठगी का संचालन जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे द्वारा नागपुर, महाराष्ट्र से किया जा रहा था।
नागपुर में दबिश, रांची जेल में मिला आरोपी
पुलिस टीम ने नागपुर में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान जानकारी मिली कि आरोपी अपने सहयोगी अजय रामभरोसे वाल्मीकी के साथ एक अन्य धोखाधड़ी प्रकरण में रांची जेल में निरुद्ध है। इसके बाद विवेचक ने माननीय न्यायालय धुमाकोट से आरोपियों के खिलाफ वारंट बी प्राप्त किया।
पुलिस ने 1 अप्रैल 2026 को मुख्य आरोपी जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे को रांची जेल से लाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, सह-अभियुक्त अजय रामभरोसे वाल्मीकी को भी वारंट बी के माध्यम से न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
हल्द्वानी निवासी सह-अभियुक्त पर पहले हो चुकी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में पूर्व में सह-अभियुक्त दया कृष्ण पैनरू, निवासी हल्द्वानी, के खिलाफ धारा 35(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
ऐसे बिछाते थे ठगी का जाल
व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग ग्रुप बनाते थे
निवेश पर कई गुना मुनाफे का दावा करते थे
लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर जोड़ते थे
भरोसा बनने के बाद बड़ी रकम निवेश कराकर ठगी करते थे
पुलिस की अपील
अनजान लिंक और ट्रेडिंग ग्रुप से सावधान रहें
अत्यधिक मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें
निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की सत्यता अवश्य जांचें
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें

