
जसपाल नेगी
पौड़ी। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा धरना अब विभागीय कामकाज पर असर डालने लगा है। बुधवार को आवश्यक सेवाओं से जुड़े कनिष्ठ अभियंताओं के भी धरने में शामिल होने से आंदोलन ने और रफ्तार पकड़ ली। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बुधवार को लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में धरना देते हुए महासंघ के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अभियंताओं की समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अभियंताओं में रोष बढ़ता जा रहा है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में पेयजल निगम और जल संस्थान का एकीकरण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा सेवा संबंधी अन्य समस्याओं का समाधान शामिल है। आरोप लगाया कि सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।
धरने के कारण विभागीय कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। तकनीकी कार्यों, निरीक्षण और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। महासंघ ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र वार्ता कर समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
धरने में शाखा अध्यक्ष सुमित नेगी, सचिव राहुल लखेड़ा, ज्योति, शिवेंद्र अष्टवाल, किरण, पूनम, नितिन सैनी, विनय गौतम, महेंद्र राणा और राखी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

