
सीएम से एफआईआर निरस्त करने की मांग, बोले- चौथे स्तंभ का गला घोंटने की कोशिश
पौड़ी। खटीमा में वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर अब पौड़ी में भी पत्रकारों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुकदमा तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
बुधवार को संगठन की शाखा पौड़ी ने एसएसपी कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार दीपक फुलेरा ने चकरपुर क्षेत्र में गैस आपूर्ति में हो रही देरी और आम उपभोक्ताओं की परेशानी को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की थी। आरोप है कि इस खबर से नाराज होकर एक भाजपा पदाधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने बिना प्राथमिक जांच, बिना तथ्य खंगाले और बिना साक्ष्यों की पुष्टि किए ही पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर दिया।
संगठन के जिलाध्यक्ष जसपाल सिंह नेगी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक पत्रकार के खिलाफ नहीं, बल्कि सच लिखने वाली पत्रकारिता को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अगर जनसमस्याओं को उजागर करने वाले पत्रकारों को ही मुकदमों में फंसाया जाएगा, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत होगा।
‘फर्जी मुकदमा तुरंत वापस लो’
पत्रकारों ने मांग की कि वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही बिना प्रारंभिक जांच के एफआईआर दर्ज करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
भविष्य के लिए भी उठाई बड़ी मांग
संगठन ने यह भी मांग रखी कि भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी शिकायत पर सीधे मुकदमा दर्ज करने के बजाय पहले राजपत्रित अधिकारी स्तर से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पत्रकारों का उत्पीड़न न हो।
प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी
नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द न्याय नहीं मिला, तो संगठन पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करेगा।
ज्ञापन में दीपक बड़थ्वाल, करन सिंह नेगी, मुकेश सिंह, रतन मणि भट्ट, गणेश नेगी, यतेंद्र रावत और पुष्पेंद्र राणा समेत कई पत्रकार शामिल रहे।

