संजय कुंवर
चमोली : मौसम विभाग की वर्षा चेतावनी पहाड़ों में सही साबित हो रही है। सीमांत चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी से तापमान में जहां गिरावट आई है, वहीं खेती किसानी के लिए भी संजीवनी साबित हो रही है।

सूबे में एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक के चलते मौसम में बदलाव हुआ है। सीमांत जनपद चमोली के उच्च हिमालई क्षेत्रों में इस वैस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण बारिश व बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम सहित, खीरों वैली,फूलों की घाटी, औली,गोरसों, कुंवारीपास, चिनाप वैली, द्रोणागिरी बागनी घाटी के साथ-साथ धौली गंगा घाटी के ऊपरी नीति वैली में हल्का हिमपात दर्ज हुआ है। वहीं ज्योर्तिमठ क्षेत्र के आसपास की पहाड़ियों पर भी सफेद बर्फ की चादर बिछी नजर आ रही है। निचले इलाकों में भी झमाझम बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में भी मौसम में बदलाव होने के आसार हैं। झमाझम बारिश होने से काश्तकारों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखाई दे रहा है। प्रकाश सिंह बिष्ट किरूली ने कहा कि किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। झमाझम बारिश होने से खेती किसानी को संजीवनी साबित हुई है। अब किसान धान की फसल समय पर बुवाई कर सकेंगे।

