बारिश की धार और लुढ़कते पारे के बीच 44वें दिन भी गूंजे आंदोलन के स्वर
मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग की मांग को लेकर धरना जारी, मूसलधार बारिश में सरकार के खिलाफ गरजे आंदोलनकारी
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। मोहनखाल-किणझाणी-चोपता (तुंगनाथ) मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर मोहनखाल में चल रहा आंदोलन मूसलधार बारिश और गिरते तापमान के बीच 44वें दिन भी जारी रहा। बीते 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बावजूद आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग केवल गांवों को जोड़ने वाली सड़क नहीं, बल्कि चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। मार्ग के निर्माण से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ, कार्तिक स्वामी, मोहनखाल, पोखरी, नागनाथ और वामनाथ समेत अन्य धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक आवाजाही सुगम होने का दावा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चारधाम और पंचकेदार यात्रा के साथ प्रदेश के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की ओर भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। ऐसे में इस मार्ग के निर्माण से दोनों जनपदों के पर्वतीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है। साथ ही तुंगनाथ और कार्तिक स्वामी क्षेत्र के बीच तीर्थाटन एवं पर्यटन का नया सर्किट विकसित होने की संभावना है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सड़क बनने से स्थानीय स्तर पर होम स्टे, होटल, ढाबे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने सरकार से मार्ग को सामान्य सड़क परियोजना के बजाय तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना के रूप में लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
बारिश के बीच धरना स्थल पर पहुंचे आंदोलनकारियों ने कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद आंदोलन में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मोटर मार्ग निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती और शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में ललित मोहन, रविन्द्र थपलियाल, ओमप्रकाश, सौरभ सिंह, राहुल सिंह, सूरज सिंह, गोविन्द सिंह, हरीश सिंह, विनय कुमार, वासुदेव सिंह नेगी, संतोष आगरी, गिरीश लाल, अम्बरीष, कल्पेश्वरानंद थपलियाल, धर्मेन्द्र बिष्ट, आशीष थपलियाल, प्रकाश लाल, जगदीश, पुष्कर सिंह और रूपचन्द्र सिंह मौजूद रहे।
