देशभर से पहुंची संगत, अखंड पाठ के भोग के बाद हुआ शबद-कीर्तन व लंगर
संजय कुंवर
जोशीमठ/गोविंदघाट : सिखों के पावन पर्व बैसाखी के अवसर पर गोविंद घाट गुरुद्वारे में श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान दिल्ली, पंजाब, मोहाली, खन्ना, पटियाला और आनंदपुर साहिब सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संगत यहां पहुंची और गुरुद्वारे में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुद्वारे परिसर में “वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु की फतेह” और “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से पूरी अलकनंदा लोकपाल घाटी गूंज उठी। लगभग 250 से अधिक श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर गुरुद्वारा गोविंद घाट में मत्था टेका।
श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 अप्रैल से गुरुद्वारे में श्री अखंड साहिब का पाठ प्रारंभ किया गया था, जिसका भोग सोमवार सुबह करीब 10 बजे श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।

भोग के उपरांत दिल्ली से आए जत्थे और गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के रागी जत्थे की अगुवाई में शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें संगत ने भाव-विभोर होकर हिस्सा लिया।
इसके बाद गुरु का अटूट लंगर प्रसाद सभी श्रद्धालुओं के लिए आयोजित किया गया। लंगर में स्थानीय लोकपाल घाटी और पांडुकेश्वर क्षेत्र के लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और सेवा का पुण्य लाभ कमाया।
पूरे आयोजन के दौरान गुरुद्वारा परिसर में भक्ति, सेवा और समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

