
तिमुंडिया वीर के आशीर्वाद से शुरू होगी बदरीनाथ यात्रा
संजय कुंवर / रघुबीर नेगी
जोशीमठ : बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व शनिवार को जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में आयोजित तिमुंडिया महोत्सव में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने तिमुंडिया वीर की पूजा-अर्चना कर सुखद एवं सुरक्षित बदरीनाथ यात्रा की कामना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिमुंडिया वीर को बदरीनाथ यात्रा का रक्षक माना जाता है। कपाट खुलने से पूर्व शनिवार को आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। मेले में भक्तों ने दाकुंडी झमेलों के साथ पूजा कर महामारी से मुक्ति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
लोक मान्यताओं के अनुसार तिमुंडिया वीर तीन सिरों वाला शक्तिशाली वीर था, जो प्राचीन समय में यात्रियों के लिए भय का कारण बना हुआ था। श्रद्धालुओं की प्रार्थना पर मां दुर्गा ने उसे नियंत्रित कर मानव बलि पर रोक लगाई और वर्ष में एक बार पूजा का वरदान दिया। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
महोत्सव में तिमुंडिया वीर के पश्वा पर देव अवतरण की परंपरा भी निभाई गई। पिछले वर्ष पश्वा के असमय निधन के कारण मेला प्रतीकात्मक रूप से आयोजित हुआ था, जबकि इस वर्ष उनके पुत्र कन्हैया बैजवाड़ी पर देव अवतरण हुआ।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि तिमुंडिया महोत्सव बदरीनाथ यात्रा की सफलता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आयोजित किया जाता है।
मेले में उमड़ी भीड़ ने जोशीमठ की समृद्ध लोक संस्कृति और आस्था को जीवंत कर दिया। श्रद्धालुओं ने “जय मां दुर्गा, जय तिमुंडिया वीर” के जयघोष के साथ आशीर्वाद लिया।

