
भूकंप, बर्फबारी, आग और हादसों की स्थितियों में राहत-बचाव का अभ्यास
केएस असवाल
चमोली: आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए चमोली जनपद में व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण किया गया। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम समेत यात्रा मार्ग के सात महत्वपूर्ण स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित कर विभिन्न आपदा परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य का अभ्यास किया गया।
जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अग्निशमन दल सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभ्यास के दौरान भूकंप, बर्फबारी, भारी बारिश, आग लगने, सड़क अवरुद्ध होने और बस दुर्घटना जैसी परिस्थितियों को सिमुलेट कर रेस्क्यू ऑपरेशन को परखा गया।
बदरीनाथ मंदिर परिसर में भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया, जबकि बदरीनाथ पुल पर रैलिंग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में घायलों का रेस्क्यू कर हेली एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च केंद्र भेजने की प्रक्रिया का अभ्यास हुआ। बदरीनाथ-गोविंदघाट मार्ग पर बर्फबारी से हाईवे अवरुद्ध होने पर फंसे तीर्थयात्रियों तक राहत सामग्री पहुंचाने की कार्यवाही की गई।
गोविंदघाट-ज्योतिर्मठ के बीच टैय्या पुल क्षेत्र में मलबे में दबे लोगों को निकालने, जीएमवीएन ज्योतिर्मठ में आग लगने की स्थिति में रेस्क्यू, पागलनाला में हाईवे बहाली और कमेड़ा में बस दुर्घटना के दौरान राहत अभियान चलाने का भी अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी कंट्रोल रूम से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते रहे। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश और आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी भी कंट्रोल रूम में मौजूद रहे, जबकि संबंधित तहसीलों के अधिकारी मौके पर तैनात रहे।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यास से चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

