
गुमनाम पत्र से हरकत में आए अधिकारी, मौके पर पहुंच टीम ने नाबालिग की सगाई रुकवाई
गोपेश्वर : जिले में बाल विवाह पर रोक के लिए बने कानूनों और जागरूकता अभियानों के बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जिला मुख्यालय के निकट गंगोलगांव का है, जहां एक नाबालिग किशोरी की सगाई समारोह आयोजित किया जा रहा था। गुमनाम पत्र मिलने के बाद सक्रिय हुए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सगाई कार्यक्रम रुकवा दिया।

जानकारी के अनुसार शनिवार को सखी वन स्टॉप सेंटर गोपेश्वर को एक बंद लिफाफे में गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ। पत्र में एक जागरूक नागरिक ने गंगोलगांव में नाबालिग की सगाई और जल्द शादी कराए जाने की सूचना दी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सखी वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन और पुलिस की संयुक्त टीम गांव पहुंची।

जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई। मौके पर किशोरी की सगाई की तैयारी चल रही थी और दो-तीन दिन बाद विवाह की योजना थी। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रश्मि रावत ने बताया कि किशोरी की उम्र मात्र 15 वर्ष तीन माह है और उसकी शादी परिवार के सदस्यों द्वारा तय की जा रही थी।
टीम ने मौके पर ही हस्तक्षेप करते हुए सगाई समारोह को रुकवाया और दोनों पक्षों की काउंसलिंग की। इस दौरान परिवार और वर पक्ष को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई और स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। साथ ही दोनों पक्षों से भविष्य में बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई गई।
अधिकारियों ने किशोरी को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया। कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों ने लिखित रूप से सगाई रोकने का आश्वासन सखी वन स्टॉप सेंटर को सौंपा।
रश्मि रावत ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने और महिला अधिकारों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुरेश चंद्र कुनियाल , बाल संरक्षण इकाई रजनी पवार,मनोज, शोभा खत्री, रजनी कठैत ,लक्ष्मी बोरा ,ममता भट्ट ,राकेश , शामिल रहे।

