
शिक्षक दिवस पर स्कूल में लटका ताला, शिक्षकों की गैरहाजिरी से बच्चों की पढ़ाई ठप
संजय कुंवर भलागांव (चमोली)। शिक्षक दिवस पर जहां देशभर में शिक्षक और शिष्य के रिश्ते का उत्सव मनाया जा रहा था, वहीं राजकीय जूनियर हाई स्कूल भलागांव में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षकों का इंतजार करना पड़ा। शनिवार पांच सितंबर को विद्यालय में तैनात दोनों शिक्षक अनुपस्थित रहे। इसके चलते विद्यालय में शिक्षण कार्य ठप रहा और स्कूल में ताला लटका रहा।
विद्यालय में शिक्षकों की लगातार अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश है। महिला मंगल दल की अध्यक्ष अंजना भट्ट ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पहले ही बदहाल है। ऐसे में शिक्षकों की मनमानी और विभागीय स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग न होने से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
अभिभावक लज्जू देवी, रौशनी देवी, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी, सुमन देवी और रीता देवी ने कहा कि ग्रामीण अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने की उम्मीद में सरकारी स्कूल भेजते हैं, लेकिन विद्यालय में नियमित पढ़ाई नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
‘कभी एक तो कभी दूसरा शिक्षक आता है’
कक्षा छह की छात्रा गुंजन भट्ट ने अपनी परेशानी बयां करते हुए कहा कि स्कूल में कभी एक शिक्षक तो कभी दूसरा शिक्षक आता है। स्थिति यह है कि बच्चों को यह तक ठीक से पता नहीं है कि उनके पाठ्यक्रम में कौन-कौन से विषय हैं। छात्रा की यह बात पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग को नियमित निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग से विद्यालय की व्यवस्था की जांच कराने और नियमित शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिक्षक दिवस पर ही उठे सवाल
शिक्षक दिवस के दिन विद्यालय में पढ़ाई ठप रहने की घटना ने शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षक ही विद्यालय में नियमित नहीं पहुंचेंगे तो पहाड़ के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल पाएगी।
