
रविवार को भालू ने गौशाला का दरवाजा तोड़कर हरीश सिंह बिष्ट सुरेड़ा का बैल मार दिया । एक माह में क्षेत्र के स्यूंण लदांऊ में तीन मवेशियों को मारने के साथ आधा दर्जन को घायल कर चुका है। ग्रामीण रातभर जागकर भालूओं से अपनी गौशालाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। वन विभाग अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया है, जिससे लोगों में आक्रोश है।
संजय कुंवर
पीपलकोटी : चमोली जिले में लगातार बढ़ रहे भालू के आंतक से लोग दहशत में हैं।भालू ने लोगों की दिन का चैन और रातों की नींद उडा दी है। ग्रामीण रातभर जागकर भालूओं से अपनी गौशालाओं की चोकीदारी कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन बयानबाजी तक सीमित बनी है।
दशोली ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम पंचायत स्यूंण – लुदांऊ गांव में एक माह से भालू का आतंंक बना हुआ है। जिससे लोग दहशत में बने हुए हैं। पिछले महीने नवंबर में लुदांऊ गांव में भालू द्वारा मुकेश लाल की गौशाला को नुक्सान पहुंचाया कर बैल घायल किया गया। ग्राम प्रधान प्रकाश रावत व वन सरपंच कुलदीप नेगी ने जिलाधिकारी चमोली एवं केदारनाथ डीएफओ को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के चलते भालू द्वारा कुछ दिनों बाद लुदांऊ गांव में दुलभ लाल की गौशाला फाड़कर एक गाय को मारा गया जबकि चार बकरी लापता हो गए। भालू का आतंक यहीं नहीं थमा और फिर स्यूंण गांव के महावीर सिंह राणा की गौशाला फाड़कर दूधारू गाय को मार गिराया। रघुनाथ सिंह राणा की गौशाला तोड़कर गाय को घायल किया गया है। लगातार भालू के आंतक से महिलाएं चारापत्ती लेने नहीं जा पा रही है, वहीं स्कूली बच्चे भी स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा बर्तन बजाकर और रातभर जागकर भालूओं से अपनी मवेशियों की चोकीदारी की जा रही है। ग्रामीण अरूण राणा ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा भालूओं के आतंक को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके चलते एक माह में इतना नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।
सुरेंडा गांव में भालू ने बैल को मारा
रविवार मध्यरात्रि में भालू ने गौशाला का दरवाजा तोड़कर हरीश सिंह बिष्ट सुरेड़ा गांव के बैल का मार डाला। ग्राम प्रधान मठ – झडेता पूजा देवी ने बताया कि भालू द्वारा हरीश बिष्ट की गौशाला का दरवाजा तोड़कर बैल को मार दिया गया है। उन्होंने इसकी सूचना केदारनाथ वन प्रभाग को दी गई है। उन्होंने कहा कि लगातार भालूओं के आतंक से लोग दहशत में हैं। वन विभाग भालूओं को भगाने के लिए क्षेत्र में रात्रि गश्त लगाए।
झाड़ी का किया कटान
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे भालू की दहशत के बाद तेंदुली पुल से अनसूया बैंड तक पैदल मार्ग पूरी तरह झाड़ी से पटा हुआ था। ग्रामीणों द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गोपेश्वर को झाड़ी कटान के लिए कहा गया। उनके द्वारा एई को कार्रवाई के निर्देश दिए गए लेकिन उनके द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

