
ढोल-दमाऊं, पौणा नृत्य और बुरांश पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
संजय कुंवर
गोविंदघाट : चमोली जिले के गोविंदघाट में शनिवार से प्रसिद्ध संत की 975वीं श्रीराम कथा शुरू हो गई। लक्ष्मण गंगा और अलकनंदा के पावन संगम क्षेत्र में आयोजित यह कथा 12 अप्रैल 2026 तक चलेगी। कथा के शुभारंभ को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।
शनिवार सुबह गोविंदघाट पहुंचने पर का स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। महिला मंगल दल पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, पिनोला क्षेत्र, युवक मंगल दल और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं की थाप, पारंपरिक पौणा लोकनृत्य और बुरांश के फूलों की वर्षा के साथ उनका अभिनंदन किया।
गुरुद्वारे के समीप हो रहा आयोजन
यह धार्मिक आयोजन गोविंदघाट गुरुद्वारे के समीप लक्ष्मण गंगा और अलकनंदा नदी के संगम क्षेत्र में हो रहा है। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा पर आधारित प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, प्रेम और करुणा का संदेश दिया जाएगा।
भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर
स्थानीय निवासी राम नारायण भंडारी ने बताया कि यह आयोजन अलकनंदा घाटी, लोकपाल घाटी और पूरे ज्योर्तिमठ क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर है। उन्होंने कहा कि श्री लोकपाल जी और गुरु महाराज जी के पावन धामों के अहम पड़ाव गोविंदघाट में मोरारी बापू की 975वीं श्रीराम कथा का आयोजन होना क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा महायज्ञ में शामिल होने की अपील की।
12 अप्रैल तक चलेगा आयोजन
आयोजकों के अनुसार, कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। माना जा रहा है कि इस धार्मिक आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण और अधिक प्रगाढ़ होगा।
