23 अक्टूबर से थे लापता, विधानसभा सत्र में लगाई गई थी ड्यूटी; सड़क की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गिरीश चंदोला कर्णप्रयाग। चमोली जिले में कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर आइटीआइ के पास गहरी खाई में लापता पुलिसकर्मी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बणसोली गांव निवासी 45 वर्षीय वीरेंद्र सिंह नेगी के रूप में हुई है। वह पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे और गोविंदघाट थाने में तैनात थे। वह 23 अक्टूबर से लापता चल रहे थे।

शव मिलने की सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा भी मौके पर पहुंचे।
सीओ ने बताया कि वीरेंद्र सिंह नेगी की ड्यूटी विधानसभा सत्र के लिए लगाई गई थी। उनके लापता होने के बाद से पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। अब कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर उनका शव बरामद हुआ है।
ढहा पुश्ता, चेतावनी बोर्ड नहीं होने पर उठे सवाल
घटनास्थल पर सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर शव मिला, वहां सड़क का पुश्ता ढहा हुआ है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग की ओर से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था।
स्थानीय लोगों ने मार्ग के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी दुर्घटनाओं की आशंका जताते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

