
संजय कुंवर, चमोली। विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के दीदार के लिए अब महज तीन दिन शेष हैं। 31 अक्टूबर को घाटी पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी। इसके बाद शीतकाल में आम पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, दुर्लभ वनस्पतियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पार्क प्रशासन की गश्त जारी रहेगी।
पार्क के रेंज अधिकारी आशीष जिरवाण के अनुसार, इस वर्ष एक जून को पर्यटकों के लिए खोली गई घाटी में 28 अक्टूबर तक कुल 35,261 पर्यटक पहुंचे। इनमें 34,996 भारतीय और 265 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। पर्यटकों से प्रवेश शुल्क के रूप में 67 लाख सात हजार 500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
जैव विविधता की सुरक्षा पर जोर
पर्यटन सीजन समाप्त होने के बाद भी पार्क कर्मी घाटी में लंबी दूरी की गश्त जारी रखेंगे। इसका उद्देश्य दुर्लभ जैव विविधता के संरक्षण के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शीतकाल में बर्फबारी के बीच घाटी पर्यटकों के लिए बंद रहेगी, लेकिन प्राकृतिक धरोहर की निगरानी जारी रहेगी।
