
मानदेय 20 हजार करने और मनरेगा में श्रमिक पंजीकरण की प्रक्रिया आफलाइन करने की मांग, मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। दस सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम प्रधान संगठन ने बुधवार को विकासखंड मुख्यालय पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रधानों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।

प्रधानों ने ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही मनरेगा में श्रमिकों के पंजीकरण और उपस्थिति की प्रक्रिया आफलाइन करने की मांग की गई। प्रधानों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होती है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
प्रदर्शन के दौरान राज्य और केंद्र वित्त का आवंटन ग्राम पंचायतों की जनसंख्या के साथ भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रफल को ध्यान में रखकर किए जाने की मांग भी उठाई गई। ब्लॉक संरक्षक मनवर नेगी ने कहा कि पर्वतीय ग्राम पंचायतों में बिखरी आबादी, अधिक क्षेत्रफल और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास कार्यों में अधिक संसाधनों की जरूरत होती है।
ब्लॉक अध्यक्ष त्रिलोक रावत ने कहा कि ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं के संचालन के लिए पर्याप्त अधिकार और संसाधन दिए जाने चाहिए। पंचायतों पर दायित्व लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके अनुरूप वित्तीय और प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
ब्लॉक महामंत्री मदन भट्ट ने कहा कि दस सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रदेशभर के विकासखंडों में प्रधानों को लामबंद कर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस मौके पर उनियाणा की प्रधान बिशाम्बरी देवी, गडगू की सरिता नेगी, चौमासी के कुलदीप सिंह, ब्यूग के अनिल उनियाल, किमाणा की सुलेखा त्रिवेदी, खुमेरा के मुकेश चंद्र, पाली के बृजेश पंत, उषाड़ा के प्रतिपाल बजवाल, रासी की सोनिया पंवार, सांकरी की वंदना देवी, गिरिया की नीमा देवी, मक्कू की सुनीता मैठाणी, राऊलैक की नीमा देवी, परकंडी की सुनीता देवी, भींगी की नीमा देवी, स्यासू के कुंवर सिंह, जाल मल्ला के प्रदीप राणा, शेरसी के वीरेंद्र प्रसाद, गैड़ के राजेंद्र पंवार और फली फसालत के महेंद्र सेमवाल समेत बड़ी संख्या में प्रधान मौजूद रहे।

