भालू के बढ़ते हमलों पर WII की टीम ने खंगाला जोशीमठ, संघर्ष के हॉटस्पॉट किए चिह्नित
संजय कुंवर जोशीमठ। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क डिवीजन में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून की विशेषज्ञ टीम ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया। टीम ने भालू के आवास, हमले के कारणों, संघर्ष वाले क्षेत्रों, फसल व मवेशियों को हो रहे नुकसान के साथ स्थानीय लोगों की चिंताओं को समझने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया।

WII टीम ने रविग्राम, गांधीनगर और सुनील क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की। इन क्षेत्रों में बीते समय में भालू के मवेशियों व लोगों पर हमले तथा फसल क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। टीम ने पीड़ितों और स्थानीय लोगों के अनुभवों को दर्ज करने के साथ संघर्ष के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की जानकारी भी जुटाई।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ यश ढोबले (IFS) ने टीम के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रबंधन को लेकर चर्चा की। वहीं आरएफओ आशीष जीरवाण ने फील्ड विजिट का मार्गदर्शन करते हुए स्थानीय स्तर पर किए जा रहे रोकथाम और राहत कार्यों की जानकारी दी।
हॉटस्पॉट का होगा मानचित्रण
WII टीम ने भालू के आवास उपयोग, संघर्ष हॉटस्पॉट के मानचित्रण और पारिस्थितिकीय आंकड़ों के संग्रह पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही स्थानीय लोगों पर पड़ रहे सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को भी दस्तावेजीकृत किया जा रहा है। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
वन विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, ग्रामीणों को जागरूक करने और पीड़ित परिवारों के साथ समन्वय समेत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आगामी चरण में वन विभाग, स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है। इसमें चेतावनी प्रणाली, फसल सुरक्षा, गश्त और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल को मजबूत करने पर निर्णय लिया जाएगा।
WII टीम का नेतृत्व सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर, HWCM अनन्या सराथे ने किया।
