फूलों की घाटी में पर्यटकों का रिकॉर्ड, जून में पहुंचे 7294 सैलानी
पिछले साल से करीब दोगुनी रही आमद, प्रवेश शुल्क से 11 लाख रुपये से अधिक का राजस्व
संजय कुंवर जोशीमठ/चमोली। यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर में शामिल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान में इस वर्ष पर्यटन सीजन की शुरुआत रिकॉर्ड तोड़ रही है। एक जून से पर्यटकों के लिए खुली घाटी में पहले ही महीने 7294 पर्यटक पहुंचे हैं। यह संख्या पिछले वर्ष जून की तुलना में करीब दोगुनी है। पर्यटकों की बढ़ी आमद से पार्क प्रशासन के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अभिमन्यु ने बताया कि एक जून से 30 जून 2026 तक 7260 भारतीय और 34 विदेशी पर्यटकों समेत कुल 7294 सैलानियों ने फूलों की घाटी का भ्रमण किया। इस दौरान प्रवेश शुल्क से 11.06 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले वर्ष जून में 3833 भारतीय और 65 विदेशी सहित कुल 3898 पर्यटक पहुंचे थे, जबकि राजस्व 7.80 लाख रुपये रहा था।
ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति वैज्ञानिक फ्रैंक स्माइथ द्वारा खोजी गई फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ अल्पाइन पुष्प प्रजातियों, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। वर्ष 2005 में इसे यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर का दर्जा मिला था।
वैली ऑफ फ्लावर्स की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि पार्क में वन कर्मियों की नियमित गश्त जारी है। प्रवेश द्वार पर पर्यटकों को पार्क के नियमों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्लास्टिक मुक्त घाटी बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पार्क कर्मी पूरे मार्ग पर तैनात हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अभी मानसून की शुरुआत हुई है। मध्य जुलाई से अगस्त के बीच घाटी में फूलों का खिलना अपने चरम पर होता है। ऐसे में इस बार पूरे पर्यटन सत्र में पर्यटकों की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है। फिलहाल रंग-बिरंगे हिमालयी फूलों से सजी घाटी प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
