संवाददाता, गोपेश्वर : जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत चमोली की बैठक में विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में पर्यटन, कृषि, उद्यान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, विद्युत, समाज कल्याण, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, वन एवं आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी।
कूड़ा प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रमुख मुद्दा रहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि कूड़ा संग्रहण वाहनों का रूट प्लान तैयार कर वैज्ञानिक तरीके से संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कम्पेक्टर मशीनों के नियमित उपयोग और अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
ग्राम पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था की भी समीक्षा
बैठक में ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्थिति और धनराशि के उपयोग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उपलब्ध बजट का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आय-व्यय की नियमित निगरानी पर बल देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) स्वयं सुरक्षित रखने और जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी।
जनसमस्याओं के समाधान को दें प्राथमिकता
जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए, ताकि आम जनता को विकास योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी तेज सिंह, जिला पंचायत सदस्य और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
