रुद्रनाथ के लिए वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाने की मांग, 50 बेड अस्पताल को मिली उम्मीद
ज्योतिर्मठ, संजय कुंवर संवाददाता। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ने रविवार को प्रदेश के वन, पर्यावरण, उद्यान एवं स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर डुमक-कलगोठ से तक वैकल्पिक पैदल यात्रा मार्ग विकसित करने की मांग उठाई। साथ ही ज्योतिर्मठ में 50 बेड के अस्पताल की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण का मामला भी प्रमुखता से रखा गया।

ज्योतिर्मठ हेलीपैड के समीप हुई भेंट के दौरान ऋषि प्रसाद सती ने मंत्री को भगवान बदरीविशाल का प्रसाद भेंट कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि डुमक-कलगोठ से रुद्रनाथ तक पैदल मार्ग विकसित होने पर यात्रा दूरी लगभग 10 किलोमीटर रह जाएगी। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी तथा रुद्रनाथ धाम में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। यह मार्ग भविष्य में सगर-रुद्रनाथ ट्रैक के विकल्प के रूप में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्ग विकसित होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने सरकार से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
बैठक में ज्योतिर्मठ की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि मंत्री सुबोध उनियाल ने हॉर्टिकल्चर विभाग की 400 नाली भूमि स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने का आश्वासन दिया है। भूमि उपलब्ध होने पर यहां 50 बेड का आधुनिक अस्पताल स्थापित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव ज्योतिर्मठ में अस्पताल बनने से बदरीनाथ धाम आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर बीकेटीसी सदस्य राकेश भंडारी, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मंडल अध्यक्ष अमित सती, सुभाष डिमरी, हर्षवर्धन भट्ट सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

