
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट
संजय कुंवर संवाददाता, लोकपाल : भ्यूंडार घाटी के आराध्य एवं पौराणिक दंडी पुष्कर्णी तीर्थ श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के साथ ही हेमकुंड साहिब क्षेत्र “लोकपाल महाराज की जय” के उद्घोष से गूंज उठा।
समुद्रतल से करीब 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट सुबह 11:15 बजे शुभ मुहूर्त में खोले गए। इस दौरान मुख्य पुजारी, भ्यूंडार घाटी के हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र दंडी पुष्कर्णी सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान श्री लोकपाल लक्ष्मण जी महाराज के दर्शन कर वर्ष की पहली अभिषेक पूजा में भाग लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।
माना जाता है कि हिंदू पुराणों में वर्णित दंडी पुष्कर्णी तीर्थ यही स्थल है। भ्यूंडार घाटी के रक्षक देवता के रूप में श्री लोकपाल लक्ष्मण जी महाराज की यहां विशेष मान्यता है।
श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर समिति पुलना के पदाधिकारियों ने बताया कि पंचांग, तिथि और ग्रह-नक्षत्रों की गणना के बाद शुभ मुहूर्त में ही कपाट खोलने की परंपरा निभाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
