महा बन्याथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, 101 कलशों के साथ निकली भव्य यात्रा
शिव-पार्वती नृत्य ने मोहा श्रद्धालुओं का मन, 10 हजार लोगों ने किया प्रतिभाग
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। तल्लानागपुर चोपता फलासी स्थित भगवती चण्डिका की तपस्थली में 25 वर्षों बाद आयोजित महा बन्याथ के आठवें दिन गुरुवार को भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई। 101 जल कलशों के साथ निकली यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। धार्मिक जयघोष, ढोल-दमाऊं और भजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।

वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजी कन्याओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा में भाग लिया। यात्रा फलासी गांव से विभिन्न मार्गों से होकर यज्ञ स्थल पहुंची, जहां जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।

जल कलश यात्रा में शिव-पार्वती नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने भगवान शिव और माता पार्वती की लीलाओं का जीवंत मंचन किया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत और राज्य मंत्री ऐश्वर्या रावत ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र की लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

तुंगेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल ने बताया कि महा बन्याथ में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जल कलश यात्रा में करीब 10 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे, पेयजल, स्वास्थ्य और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

