
दो दशक बाद बड़ी संख्या में दिखे हिमालयी गिद्ध, स्टेपी ईगल की मौजूदगी से बढ़ी रौनक
जोशीमठ / चमोली : नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में इन दिनों पक्षी प्रेमियों के चेहरे खिले हुए हैं। सेलंग, जगथाली से लेकर जोगी धारा कंपार्टमेंट तक हिमालयी गिद्धों के बड़े झुंड दिखाई दे रहे हैं। इनके साथ दुर्लभ प्रवासी स्टेपी ईगल और अन्य वल्चर प्रजातियों की मौजूदगी ने क्षेत्र को “बर्ड हॉटस्पॉट” बना दिया है।
स्थानीय बर्ड वॉचिंग एक्सपर्ट संजय कुंवर के अनुसार करीब दो दशक बाद इतनी बड़ी संख्या में हिमालयी गिद्धों का दिखना सुखद संकेत है। जोगी धारा क्षेत्र में ये गिद्ध चट्टानों के आसपास धूप सेंकते और भोजन करते आसानी से देखे जा सकते हैं।
रविवार को एक मृत पशु के पास 40 से अधिक गिद्धों का झुंड और दर्जनों अन्य वल्चर व ईगल्स एक साथ नजर आए। यह दृश्य लंबे समय बाद देखने को मिला, जिससे वन विभाग और पर्यावरणविद भी उत्साहित हैं।
दिलचस्प बात यह है कि गिद्धों की सक्रियता के दौरान स्टेपी ईगल्स कम दिखाई देते हैं। वहीं अप्रैल माह तक भी ये प्रवासी पक्षी अपने मूल स्थान मध्य एशिया नहीं लौटे हैं और क्षेत्र में ही डटे हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद जरूरी हैं। कीटनाशकों और डाइक्लोफेनाक जैसी दवाओं के कारण इनकी संख्या में भारी गिरावट आई थी। हालांकि अब इन दवाओं पर रोक और संरक्षण प्रयासों के चलते इनकी संख्या में सुधार हो रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह संरक्षण जारी रहा तो जोशीमठ क्षेत्र भविष्य में पक्षी जैवविविधता का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
