
महिलाओं के आंदोलन को मिला बल, शिक्षक की पहल बनी उदाहरण
सैकोट गांव से उठी जागरूकता की लहर, विवाह समारोहों में बदलती परंपरा
चमोली : जिले में शराब के खिलाफ चल रहे जनजागरूकता अभियान के बीच सैकोट गांव के शिक्षक ने एक अनूठी पहल कर समाज के सामने मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने पुत्र अमन के विवाह निमंत्रण पत्र में स्पष्ट रूप से “शराब पूर्ण बंद” का संदेश छपवाकर मेहमानों को पहले ही जागरूक किया है।
दो दिन बाद बैसाखी पर्व से शुरू हो रहे विवाह सीजन से पहले उनकी यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों और महिलाओं ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे नशामुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।
गौरतलब है कि चमोली जिले के कई गांवों में महिलाओं के नेतृत्व में शराब के खिलाफ सख्त निर्णय लिए गए हैं, जिनमें सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पर रोक और उल्लंघन पर सामाजिक बहिष्कार व अर्थदंड का प्रावधान शामिल है।
ऐसे माहौल में उमेश थपलियाल की यह पहल न केवल एक परिवार का निर्णय है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बनकर उभर रही है।

