
जसपाल नेगी
पौडी : पोखड़ा ब्लॉक के भतकोट गांव में गुरुवार देर शाम गुलदार ने चार साल की मासूम को निवाला बना दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचे डीएफओ गढ़वाल का घेराव कर गुलदार को जल्द मारने की मांग की। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के कई स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
भतकोट गांव निवासी हरेंद्र सिंह की चार वर्षीय पुत्री दृष्टि गुरुवार देर शाम घर के आंगन के पास थी। इसी दौरान घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और उसे उठा ले गया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने रात में ही बच्ची की तलाश शुरू कर दी। बाद में उसका शव जंगल से बरामद किया गया।
सूचना पर थाना सतपुली पुलिस, तहसील प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि पुलिस, तहसील प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से शव को जंगल से गांव तक लाया गया। शुक्रवार को एसडीएम सतपुली, तहसीलदार चौबट्टाखाल, डीएफओ और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार गुलदार के हमले हो रहे हैं, लेकिन विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने आदमखोर गुलदार को तत्काल मारने और प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत और सामाजिक कार्यकर्ता कविंद्र इष्टवाल ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पोखड़ा ब्लॉक में लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है, लेकिन वन विभाग की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
इन स्कूलों में दो दिन की छुट्टी
खंड शिक्षा अधिकारी पोखड़ा एवं बीरोंखाल मनोज कुमार जोशी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए न्याय पंचायत कोलाखाल के अंतर्गत संचालित रा.प्रा.वि. पाटल्यूं, मयलगांव, पटोटी और जनता इंटर कॉलेज कुण्जखाल में कक्षा एक से 12 तक शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है।
इसके अलावा विकासखंड बीरोंखाल के रा.प्रा.वि. तिमली, कण्डूली बड़ी, ढिस्वाणी, भरपूर बड़ा तथा रा.उ.प्रा.वि. तिमली और कण्डूली बड़ी में भी कक्षा एक से आठ तक दो दिन का अवकाश रहेगा।
ग्रामीणों में दहशत, बच्चों को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चे घर के बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। लगातार बढ़ते हमलों ने लोगों की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है।

