
होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए गैस के साथ वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने की तैयारी
गोपेश्वर। चारधाम यात्रा के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को ईंधन संकट से जूझना न पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। व्यावसायिक रसोई गैस के निर्धारित कोटे के सुव्यवस्थित वितरण के साथ ही वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कवायद शुरू कर दी गई है।
शनिवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जिला पूर्ति विभाग, पर्यटन विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर यात्रा सीजन के दौरान संभावित ईंधन संकट और उसके समाधान पर चर्चा की। बैठक में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के संचालन में आने वाली दिक्कतों का आकलन किया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद को मिलने वाले व्यावसायिक रसोई गैस कोटे का मांग के अनुरूप सुनियोजित वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही पिरुल, लकड़ी और पत्थर के कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बनाई जाए, ताकि यात्रा काल में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। साथ ही घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से गैस रिफिल कराने और प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।
बैठक में उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय, पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
