लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : तल्लानागपुर क्षेत्र की सुरम्य वादियों के मध्य चोपता फलासी में जगत कल्याण के लिए तपस्यारत भगवती चण्डिका की 25 वर्षों बाद आयोजित देवारा यात्रा के जगोठ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया जबकि मालखी गांव में महिलाओं व ग्रामीणों ने देवारा यात्रा को भावुक क्षणों के साथ विदा किया।

25 वर्षो बाद देवारा यात्रा के आगमन से गणेशनगर क्षेत्र में भक्ति व आस्था का अनूठा संगम बना हुआ है। भगवती चण्डिका इन दिनों उत्तर देवारा के तहत विभिन्न गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद दे रही है। लगभग 6 माह तक भगवती चण्डिका चारों दिशाओं का भ्रमण करेगी तथा चारों दिशाओं के भ्रमण के बाद घर देवारा के तहत भगवती चण्डिका विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगी व विशाल यज्ञ के साथ 25 वर्षो बाद आयोजित देवारा यात्रा का समापन होगा।
रविवार को मालखी गांव में विद्वान आचार्यों ने ब्रह्म बेला पर पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाएं समपन्न कर भगवान कार्तिक स्वामी , तुंगनाथ बाबा व भगवती चण्डिका सहित 33 कोटि देवी- देवताओं का आवाह्न कर आरती उतारी तथा ठीक 10 बजे भगवती चण्डिका की देवारा यात्रा ने मालखी गांव का नगर भ्रमण कर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद दिया। दिवारा यात्रा के नगर भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने लाल – पीले वस्त्र व अनेक प्रकार की पूजा सामाग्री अर्पित कर विश्व समृद्धि व क्षेत्र के खुशहाली की कामना की । देर सांय भगवती चण्डिका की देवारा यात्रा के जगोठ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
देवारा यात्रा समिति अध्यक्ष मानवेंद्र बर्त्वाल ने बताया कि भगवती चण्डिका उत्तर दिवारा के तहत ,गणेशनगर, क्यूजा घाटी व तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवो का भ्रमण करते हुए भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ पहुंचेगी तथा ऊखीमठ ओंकारेश्वर मन्दिर में भगवती चण्डिका , भगवान केदारनाथ, भगवान मदमहेश्वर के 25 वर्षो बाद ऐतिहासिक मिलन के साक्षी हजारों श्रद्धालु बनेंगे। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर मन्दिर में तीर्थ दर्शन के बाद देवारा यात्रा अगस्तमुनि क्षेत्र में पर्दापण करेंगी तथा इस दौरान अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक, पौराणिक परम्पराओं का निर्वहन किया जायेगा।
इस मौके पर पण्डित दीपक बेजवाल, दिनेश बेजवाल, संगीत भट्ट , उपाध्यक्ष दलवीर राणा , कोषाध्यक्ष यशवन्त सिंह नेगी , सते सिंह नेगी , पवन बर्त्वाल, वासुदेव सिंह सहित मालखी व जगोठ गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
