ऊखीमठ : चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण समिति के तत्वावधान में जीआईसी के क्रीड़ा मैदान में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत निःशुल्क बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 0 से 18 वर्ष के 188 नौनिहालों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित निःशुल्क बहुउद्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मनुष्य का शरीर पंच तत्वों से बना हुआ है इसलिए मनुष्य को प्रकृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीमान्त क्षेत्रों के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ सीमान्त क्षेत्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिये साथ ही केदार घाटी के स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों की भरपाई हेतु शासन से पत्राचार करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ , गुप्तकाशी सहित सम्पूर्ण क्षेत्रो मे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की सामूहिक पहल की जा रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राम प्रकाश ने बताया कि त्रियुगीनारायण मे स्वास्थ्य उपकेन्द्र खोलने के लिए 80 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है शीध्र ग्रामीणों के सहयोग से उपकेन्द्र निर्माण के प्रयास किये जायेगे। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा संचालित हर योजना का लाभ सीमान्त क्षेत्रों पहुंचाने के लिए विभाग निरन्तर प्रयासरत है। प्रभारी अधिकारी डा0 गोपाल सिंह सजवाण ने बताया कि शिविर में बाल रोग – 57, मनोरोग 3 , हड्डी – 18 , स्त्री एवं प्रस्तूति 22 , नेत्र रोग 43 , ई एन टी 17 तथा सर्जरी 28 सहित कुल 188 नौनिहालो ,युवक – युवतियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा शिविर में बेस हास्पिटल श्रीनगर के चिकित्सक डा0 लक्ष्मण, डा0 सुष्मित शर्मा , डा0 शाफान अली , डा0 मानसी बत्रा , डा0 रवि कुमार, डा0 धीरज, डा0 रांकी द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
इस मौके पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष दलवीर नेगी , राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन जिलाध्यक्ष रेखा रावत, हेमलता नौटियाल, डा0 मोनिका सजवाण, डा0 मनीष रावत, डा0 आशीष थपलियाल, डा0 वैदेही पुरोहित, अमित मैठाणी , अमित नौडियाल, विनीता नेगी , अभ्युदय जमलोकी सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे ।
