
गोपेश्वर चमोली की डॉ शशि देवली को मिला राष्ट्र विभूति सम्मान 2025
फोनिक्स यूनिवर्सिटी रुड़की तथा योगेश शिक्षा कला संस्कृति एवं पर्यावरण उत्थान ट्रस्ट रुड़की के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्र विभूति सम्मान समारोह 2025 रविवार को सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।

सम्मान समारोह में गोपेश्वर चमोली की डॉ शशि देवली द्वारा रचित गढ़वाली काव्य संग्रह (ब्वारी) का विमोचन हुआ तथा साथ ही उनको साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्र विभूति सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि किरण जीत सिंह संधु ( शहीद – ए- आज़म भगत सिंह जी के भतीजे)
विशिष्ट अतिथि राहुल विश्नोई ( सी ई ओ शैफील्ड स्कूल इंडिया), प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ( संपादक प्रणाम पर्यटन पत्रिका), डॉ प्रिया जाडू ( पूर्व निदेशक राज्य संसाधन केन्द्र) उत्तराखंड, श्री डी के शर्मा ( निदेशक शाफील्ड स्कूल रुड़की) , डॉ बी ऐल यादव ( संस्थापक ) संजय वत्स ( कार्यक्रम समन्वयक) , फोनिक्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ चैरब जैन व अन्य समस्त प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में देश भर से पधारे लगभग 150 से अधिक लोगों को उनके अपने विशेष कार्य क्षेत्र में अति विशिष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र व मूमेन्टो व साथ ही दीवार घड़ी उपहार स्वरूप व पगड़ी और पटका पहना कर सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि डॉ शशि देवली पिछले तीस वर्षों से निरंतर साहित्यिक गतिविधियों में अपनी पूर्ण भागीदारी निभाती रही है। अपनी काव्यात्मक शैली से इन्होंने समाज के हर पहलू को उजागर करने का कार्य किया है। हिन्दी साहित्य विकास व उन्मूलन के साथ-साथ डॉ शशि देवली अपनी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार में भी कहीं पीछे नहीं हैं।

