औली : कृत्रिम झील को विंटर विजिटर प्रवासी पक्षी रूडी शैलडक ने बनाया आशियाना 

Team PahadRaftar

औली : कृत्रिम झील को विंटर विजिटर प्रवासी पक्षी रूडी शैलडक ने बनाया आशियाना 

ताउम्र साथ निभाता है रूडी शैल डक (ब्राह्मणी बत्तख) का जोड़ा

पहाड़ रफ्तार टीम 

औली : विंटर डेस्टिनेशन औली की कृत्रिम झील में एक और दुर्लभ प्रजाति के शीतकालीन आगंतुक प्रवासी पक्षी रूडी शेल्डक/ब्राह्मणी बत्तख के पहुंचने से स्थानीय पक्षी प्रेमियों सहित नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने भी खुशी जताई है। शर्मीले स्वभाव के ये सुर्खाब पक्षी जिंदगी भर के लिए जोड़े में ही रहते हैं।

पक्षी अवलोकन कर्ता इन्हें ब्राह्मणी डक व रूडी शेल्डक के नाम से भी जानते हैं। वहीं महा काव्य रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने इन दुर्लभ सुर्खाव पक्षियों का वर्णन किया है। दरअसल यह पक्षी सेंट्रल एशिया,सिक्किम और लद्दाख से इन क्षेत्रों में विंटर विजिटर प्रवासी पक्षियों के रूप में आते हैं और मार्च अंतिम या अप्रैल आरंभ में वापस अपने इलाकों को लौट जाते हैं। इस विंटर सीजन में इन दुर्लभ पक्षियों के शीतकालीन पर्यटन स्थली औली की वादियों में पहुंचने से पर्यावरण प्रेमी भी गदगद हैं। औली ज्योतिर्मठ के युवा पर्यटन कारोबारी ओर बर्डर जयदीप भट्ट, कहते हैं कि इस बार औली में शीतकालीन आगंतुक प्रवासी पक्षियों की अच्छी आमद नजर आ रही है। यूरेशियन रोलर से लेकर ब्राह्मणी डक तक प्रवासी पक्षियों को औली में देख कर पर्यटक भी काफी खुश हो रहे हैं। वही नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व क्षेत्र में पक्षी अवलोकन करने वाले नेचर एक्सपर्ट संजय कुंवर बताते हैं कि शीतकालीन पर्यटन स्थली औली में दुर्लभ सुर्खाब शैल डक, पक्षियों का स्पॉटेड होना क्षेत्र की पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरणीय लिहाज से भी अच्छी खबर है। इस बार शैल डक पक्षी को जून जुलाई माह में ही उच्च हिमालई क्षेत्र देवताल माणा पास में देखा गया है। जहां 17,500 फीट की ऊंचाई पर देवताल झील के जमने के बाद अब इन दुर्लभ प्रजाति के विदेशी मेहमान पक्षी सुर्खाव ने विंटर डेस्टिनेशन औली की कृत्रिम झील को अपना आशियाना बना दिया है। उन्होंने बताया कि चमोली जनपद में बर्ड वाचिंग की अच्छी संभावना है डेढ़ साल में ही करीब 148 प्रजातियों को NDBR क्षेत्र में बर्ड वाचिंग के दौरान बेनाकुलर की मदद से ही साइटिंग कर चुके बर्ड वाचर संजय कुंवर बताते हैं कि औली में कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने नॉर्दन पिन टेल प्रवासी पक्षियों के जोड़े को बर्ड वाचिंग के दौरान औली लेक में देखा था अब ये रूडी शैल डक पक्षी का दिखना यहां बर्ड वाचिंग का आनंद लेने आने पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। प्रवासी पक्षियों के इस तरह औली में साइटिंग होने पर विंटर डेस्टिनेशन औली में पर्यटकों को पक्षी अवलोकन का नेचर गिफ्ट मिलेगा।

दरअसल ये खूबसूरत नायाब दुर्लभ रूडी शैल डक ताउम्र अपने एक ही हम सफर के साथ जीवन बिताने के लिए जोड़ा बनाकर रहता है। ब्रहमणी बतख के इस जोड़े रूडी सैलडक को भारत में ब्रहमणी बतख, सहित चकवा-चकवी के नाम से भी पहचान मिली है। सुर्खाब यानी कि शैल डक पक्षी बहुत ही सुंदर होता है। जितना सुंदर इस पक्षी का शरीर है उसे देखने वाला भी उतना ही भाग्यशाली माना जाता है। इस नायाब पक्षी का आध्यात्मिक महत्व भी कम नहीं है। कहते हैं कि इस ब्राह्मणी डक पक्षी को भगवान श्री बदरी विशाल जी के खजांची कुबेर जी का आशीर्वाद प्राप्त है।

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