बदरीनाथ : बामणी गांव में श्री कुबेर जैठ पूजै की धूम, ग्राम देवता और प्रजा जनों के मध्य आत्मीयता का द्योतक है जैठ पूजै उत्सव

Team PahadRaftar

बदरीनाथ : बामणी गांव में श्री कुबेर “जैठ पूजै ” की धूम : ग्राम देवता और प्रजा जनों के मध्य आत्मीयता का द्योतक है,जैठ पूजै उत्सव: राम नारायण सचिव कुबेर देवरा ग्राम कल्याण समिति।

संजय कुंवर, बामणी गांव श्री बदरीनाथ 

बामणी गाव में यक्ष राज कुबेर भगवान ने भक्तों को दिए दर्शन, पुष्प वर्षा के साथ हुआ स्वागत,धूमधाम से हुई देवताओं के खजांची यक्ष राज कुबेर जी की जेठ पुजै
हर साल अपने भक्तों से मिलने बामणी गांव पहुंचते हैं भगवान कुबेर। भू-बैकुंठ नगरी श्री बदरीनाथ धाम में देवताओं के खजांची और पांडु नगरी पांडुकेश्वर बामणी गांव के आराध्य देव यक्ष राज श्री कुबेर भंडारी जी की एक दिवसीय जेठ पुजै (धार्मिक कार्यक्रम) की धूम रही। इस दौरान बामणी गांव से कुबेर जी को बुलाने के लिए बामणी गांव के हक-हकूकधारियों ग्रामीणों के साथ कुबेर देवरा समिति के पदाधिकारी और भक्त गण बदरीनाथ मंदिर परिसर पहुंचे। जिसके बाद बद्रीश पंचायत के अग्रज देव कुबेर जी की डोली बामणी गांव पहुंची और भक्तों को दर्शन दिए।

बता दें कि हर साल जेठ माह में श्री कुबेर की डोली अपने भक्तों की कुशलक्षेम जानने के लिए बामणी गांव पहुंचती है। श्री कुबेर देवरा समिति के सचिव राम नारायण भंडारी ने बताया कि बामणी गांव वही गांव है जिसे बदरीनाथ धाम की धार्मिक परंपराओं और पूजा आदि में हक-हकूकधारियों का दर्जा प्राप्त है,बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में भगवान श्री कुबेर जी की प्रतिमा भी विराजमान है। यह जेठ पूजे उत्सव केवल हमारी देव आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि मुख्यतः हमारे आराध्य ग्राम देवता और प्रजा जनों के मध्य आत्मीयता का द्योतक है। लिहाजा आज बुधवार को बदरी पुरी के मेजबान गांव बामणी गांव से श्री कुबेर जी की डोली को आमंत्रित करने के लिए कुबेर देवरा समिति के सभी पदाधिकारी,महिला मंगल दल जन प्रतिनिधि व भजन कीर्तन मंडली बदरीनाथ मंदिर परिसर में पहुंचीं। जहां मंदिर परिसर में आज भव्य ओर दिव्य माहौल नजर आया श्री पूरे परिसर में कुबेर जी के भजन गुंजायमान रहे। तीर्थ यात्री भी इस पवित्र मौके भजनों की बयार पार जम कर थिरकते नजर आए। बदरीनाथ मंदिर में दोपहर का भोग लगने के बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कुबेर जी को भव्य डोली में सुशोभित कर बामणी गांव के लिए विदा किया। इस दौरान धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल की अगुवाई में सभी पूजा संपन्न हुई। जिसके बाद श्री कुबेर जी की डोली अपनी प्रजा को दर्शन देने बामणी गांव पहुंची तो डोली ने मां नंदा मंदिर में भक्तों को दर्शन दिए। जिसके बाद उवर्शी मंदिर में इसमें उर्वशी मंदिर के पुजारी ब्रजेश कन्नी,अमित कन्नी की अगुवाई में भगवान श्री कुबेर जी का भोग लगाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने भजन कीर्तन, चांचड़ी, चौफला लोकनृत्य की प्रस्तुतियां दीं। ठीक सांय चार बजे करीब भगवान श्री कुबेर जी की डोली वापस बदरीनाथ मंदिर परिसर पहुंची और जहां फिर से विधि विधान पूर्वक श्री कुबेर जी की प्रतिमा को बदरीश पंचायत में स्थापित किया गया।

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