चमोली : कर्णप्रयाग हिंसा पर व्यापार मंडल का अल्टीमेटम, दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन

Team PahadRaftar

केएस असवाल गोपेश्वर/कर्णप्रयाग : कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई हिंसक घटना को लेकर व्यापारियों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, चमोली ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, घायल व्यापारियों के बेहतर उपचार और उचित मुआवजे की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

जिलाध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद मैखुरी और जिला महामंत्री सुनील पंवार की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि निहंगों द्वारा स्थानीय व्यापारियों पर तलवार और धारदार हथियारों से किया गया हमला न केवल निंदनीय है, बल्कि इससे पूरे व्यापारिक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है। घटना में कई व्यापारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

व्यापार मंडल ने गंभीर रूप से घायल व्यापारी प्रकाश रावत को बेहतर उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से उच्च चिकित्सा संस्थान भेजने की व्यवस्था पर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही सभी घायलों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने और गंभीर घायलों को विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई।

ज्ञापन में घटना से प्रभावित व्यापारियों और उनके परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने, सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। व्यापार मंडल ने कहा कि जांच स्थानीय स्तर पर पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से तथ्य जुटाने में आसानी हो सके।

व्यापारियों ने आगामी चारधाम यात्रा सीजन को देखते हुए कर्णप्रयाग और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। इसके अलावा नगरासू गुरुद्वारे में उपद्रव फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग भी रखी गई है।

व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा समिति और व्यापार प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाने का सुझाव भी दिया है, जिससे यात्रियों और व्यापारियों के बीच विश्वास और सौहार्द का वातावरण कायम रह सके।

ज्ञापन में कहा गया है कि चमोली जनपद सदैव शांति, सौहार्द और अतिथि सत्कार के लिए जाना जाता रहा है। ऐसी घटनाएं जिले की छवि, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। इसलिए प्रशासन को शीघ्र और प्रभावी कदम उठाकर पीड़ित व्यापारियों को न्याय दिलाना चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारियों के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए जिला बंद सहित लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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