
ज्योतिर्मठ, संजय कुंवर। भू-धंसाव आपदा से प्रभावित परिवारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकजुट होकर आंदोलन शुरू कर दिया है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले प्रभावितों ने सोमवार से तहसील प्रतीक्षालय ज्योतिर्मठ में 48 घंटे का लगातार धरना शुरू किया।

समिति के संयोजक अतुल सती के नेतृत्व में धरने पर बैठे प्रभावितों ने कहा कि आपदा के बाद से अब तक कई परिवार स्थायी समाधान और उचित मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावितों की समस्याओं के समाधान में अपेक्षित गति नहीं दिखाई जा रही है।
धरनारत लोगों की प्रमुख मांगों में भूमि का उचित मुआवजा, खतरे की जद में आए भवनों को ध्वस्त करने से पहले प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान करना तथा भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा एवं स्थिरीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराना शामिल है। इसके अलावा समिति ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई है।
वक्ताओं ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लगातार भू-धंसाव की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहां सुरक्षा कार्यों में देरी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। प्रभावित परिवारों ने सरकार और प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उधर, धरने के शुरू होने के बाद प्रशासन की नजर भी पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
अब देखना होगा कि 48 घंटे के इस धरने के बाद प्रशासन प्रभावितों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और लंबे समय से समाधान की आस लगाए बैठे लोगों को कितनी राहत मिल पाती है।
