
113 किमी की दुर्गम मैराथन 12 घंटे में पूरी, चमोली के दिगंबर ने रचा इतिहास
देहरादून : देवभूमि के युवाओं का जज्बा एक बार फिर दुनिया के सामने आया है। चमोली जिले के लस्यारी गांव निवासी दिगंबर कुंवर ने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ मैराथन में 113 किलोमीटर की कठिन दौड़ महज 12 घंटे में पूरी कर इतिहास रच दिया।
बर्फ से ढके दुर्गम रास्तों, ऊंचे-नीचे पहाड़ी ट्रैक और मखमली बुग्यालों के बीच आयोजित इस मैराथन में देशभर से 300 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया। जहां सामान्य व्यक्ति के लिए इन रास्तों पर चलना भी मुश्किल होता है, वहीं दिगंबर ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और जबरदस्त सहनशक्ति का परिचय देते हुए तय समय में लक्ष्य हासिल कर सबको चौंका दिया।
दिगंबर की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि पहाड़ के युवाओं में अपार क्षमता है। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी परचम लहरा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने दिगंबर की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जीवटता और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दिगंबर की सफलता प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
दिगंबर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर चमोली सहित पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग “पहाड़ के बेटे” को जमकर बधाई दे रहे हैं।

