ऊखीमठ : युवा कवि सतपाल को मिला देवभूमि माटी गौरव सम्मान

Team PahadRaftar

युवा कवि सतपाल को मिला देवभूमि माटी गौरव सम्मान

क्यूंजा घाटी में खुशी की लहर, काव्य लेखन के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला सम्मान

लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। क्यूंजा घाटी के युवा कवि एवं लेखक सतपाल को काव्य लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय योगदान के लिए ‘देवभूमि माटी गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में संस्कृति जागरण मंच की ओर से आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सतपाल को सम्मान मिलने से क्यूंजा घाटी में खुशी की लहर है।

समारोह में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, कला, साहित्य, खेल, समाजसेवा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पत्रकारिता, उद्यमिता और संगीत समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सतपाल को साहित्य और काव्य लेखन के माध्यम से समाज, संस्कृति तथा लोकभाषा से जुड़े विषयों को अभिव्यक्ति देने के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी रहे। भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड की माटी, संस्कृति और समाज के लिए कार्य कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ाते हैं। सम्मान के साथ व्यक्ति की जिम्मेदारी भी बढ़ती है। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने लोकभाषा, लोककला और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों की सराहना की।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं सम्मानित

समारोह में पौराणिक जागर गायन के लिए रामेश्वरी भट्ट, लेखन के लिए नंदलाल भारती, खेल के लिए राघवी बिष्ट, स्वास्थ्य सेवा के लिए डॉ. महेश कुड़ियाल, लोक गायन के लिए मीना राणा, समाजसेवा के लिए डीएस पंवार, भारतीय खेल जगत के लिए मनीष सिंह रावत, धर्म एवं संस्कृति के लिए धर्मेश नौटियाल, महिला उद्यमिता के लिए शशि रतूड़ी, अभिनय के लिए मिनी उनियाल, पर्यावरण संरक्षण के लिए डॉ. सोनी, संगीत के लिए ललित गित्यार, काव्य एवं साहित्य के लिए डॉ. ममता कुंवर, पत्रकारिता के लिए अवधेश नौटियाल और डिजिटल मीडिया के लिए पोल खोल बहुगुणा समेत विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

समारोह में लोक कलाकारों और गायकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योति प्रकाश पंत ने की। संयोजक दीपक कैतुरा रहे। मंच संचालन योगंबर पोली एवं विजय पंत ‘पंत दीदा’ ने किया।

सम्मान को बताया नई जिम्मेदारी

सम्मान मिलने पर सतपाल ने ज्योति प्रकाश पंत, विजय पंत ‘पंत दीदा’ और संस्कृति जागरण मंच का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान रचनाकारों को समाज और संस्कृति के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। देवभूमि की माटी, बोली-भाषा और संस्कृति से जुड़े विषयों को अपनी रचनाओं में स्थान देना उनके लिए निरंतर प्रेरणा का विषय रहा है। यह सम्मान उनके लिए साहित्य और काव्य लेखन के क्षेत्र में और अधिक जिम्मेदारी के साथ सृजन करने की प्रेरणा है।

Leave a Reply

Next Post

ऊखीमठ : भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ का चार अक्टूबर को होगा विमोचन

ब्लॉक सभागार ऊखीमठ में पंच केदार दर्शन वार्षिक सम्मान समारोह भी होगा आयोजित पहाड़ रफ्तार ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी की धार्मिक, आध्यात्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को समेटे पुस्तक ‘भगवती राकेश्वरी महात्म्य’ का विमोचन चार अक्टूबर को ब्लॉक सभागार ऊखीमठ में किया जाएगा। इसी अवसर पर पंच केदार दर्शन वार्षिक सम्मान […]

You May Like